मैं एक आशिक नही बनाना कहता था
मै ये सब नही सहना कहता था
पता नही ऐसा क्यूँ हुआ
मैंने ऐसा क्यूँ किया
मुहब्बत कुत्ते से की होती मैंने
तो वफ़ा मिलती
इंसानों से की, नही मिली
शायद गलती हुई हमे इन्सान पहचानने में
किसी के भोले चेहरे क पीछे की हकीकत जानने में
पर वक्त रहते ही सब सही होगा
मैं समज गया
की जानवर वफादार होते हैं
ये जुबान वाले बहुत गद्दार होते हैं
Thursday, August 13, 2009
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